ग़ज़ल
दुनिया है बाज़ार सुन बाबा , हर नज़र करे व्यापार सुन बाबा ।
॰ तेरी चादर तेरी लाज बचा पाये ,उतने पाँव पसार सुन बाबा ।
हर नज़र करे व्यापार सुन बाबा ....................................................
॰ बेनामी है एहसासों की बात यहाँ , खुद्गर्जी है प्यार सुन बाबा ।
हर नज़र करे व्यापार सुन बाबा ...................................................
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दुनिया है बाज़ार सुन बाबा , हर नज़र करे व्यापार सुन बाबा ।
॰ तेरी चादर तेरी लाज बचा पाये ,उतने पाँव पसार सुन बाबा ।
हर नज़र करे व्यापार सुन बाबा ....................................................
॰ बेनामी है एहसासों की बात यहाँ , खुद्गर्जी है प्यार सुन बाबा ।
हर नज़र करे व्यापार सुन बाबा ...................................................
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